सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस (Cervical Spondylosis )के लक्षण ,कारण और बचाव कैसे करे

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के लक्षण ,कारण और बचाव कैसे करे। सर्वाइकल के दर्द से परेशान है ज़रूर पढ़े। 


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सर्वाइकल(Cervical Spondylosis ) यानि के गर्दन का दर्द- ये दर्द इतना तीव्र होता है ,के गर्दन की सात हड्डियों को प्रभावित करता है|इसके कारण गर्दन में अकड़न महसूस होती है और गर्दन का पास दर्द ही रहता है|सर्वाइकल आपकी रीढ़ की गति को धीमा कर सिमित कर  देता है और हड्डियां , जो भी नाड़ी तक जाती है वहां दर्द और झनझनाहट होती ही रहती है| सर्वाइकल पहले उम्र द्राज लोगों में ही पाया जाता था पर अब ये रोग हर दूसरे तीसरे व्यक्ति में पाया जा रहा है इसका कारण हमारी दिनचर्या में बदलाव का होना है|


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सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के लक्ष्ण- Symptoms


  • गर्दन में दर्द , पीठ के ऊपरी भाग में दर्द और कन्धों में दर्द हो तो यह सर्वाइकल के लक्ष्ण है ,इन्हे नज़रअंदाज़ मत कीजिये|

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  • अगर गर्दन के आस पास मासपेशिओं में अकड़न महसूस हो|
  • थकान |
  • हाथों का सुन्न होना, कमज़ोरी महसूस होना या दर्द होना|



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  • बोलने लिखने चलने और खाने पीने में परेशानी का होना|
  • सिरदर्द होना|



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  • चक्कर आना|
  • धुंधला दिखना|
  • सोते समय पसीना आना|
  • वजन का कम हो जाना वो भी बिना किसी कारण|


सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस दर्द के कारण- Causes

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  • चोट लगने या एक्सीडेंट के कारण भी गर्दन कई बार सामान्य से अधिक मुड़ जाती है| जिसके कारण मांसपेशिओं सिकुड़ जाती है और उनमें अकड़ आ जाती है और दर्द भी रहने लगता है|


            
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  • उम्र के कारण भी हड्डियों के बीच मौजूद, डिस्क में तरल पदार्थ की कमी होने लगती है जिसका प्रभाव रीढ़ की हड्डी पर ही पड़ता है|
  • हर वक़्त बैठे रहने से भी रीढ़ की हड्डी पर असर पड़ता है|
  • जो लोग दिन बार एक ही पोजीशन में बैठे रहते है इस कारण भी सर्वाइकल का खतरा बना रहता है|
  • गलत तरीके से बैठने सोने और खाने से भी गर्दन अकड़ जाती है|
  • मानसिक तनाव, शारीरक यातना से भी सर्वाइकल बढ़ता है|




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  • ब्रेन ट्यूमर या सिर में चोट लगना|

सर्वाइकल दर्द से बचाव कैसे करे


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  • शुरूआती सर्वाइकल में गर्दन पर बर्फ लगाए और उसके बाद हीटिंग पैड या गरम पानी की बोतल से गर्दन की सिकाई करे|
  • गरम पानी से ही नहाइये| 

    

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  • वजन उठाने से परहेज करे|
  • लम्बे समय तक एक ही मुद्रा में न ही बैठे और न ही खड़े रहिये|
  • गर्दन की हलकी मसाज करे|

                  
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  • फ़ोन से परहेज रखे|
  • आज कल सर्वाइकल स्पेशल तकिये भी मिलते है, उनका इस्तेमाल करे

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  • रोज़ाना गर्दन का व्यायाम कीजिये |


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सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस :परहेज/ बचाव /निदान -Prevention


  • रोज़ाना लहसुन की दो तीन कलियाँ प्रतिदिन खाने  से आराम मिलता है|
  • लहसुन का तेल ,गर्दन पर लगाने से भी आराम मिलता है|
  • सेब , लहसुन और हल्दी सूजन को जल्दी घटाते हैं
  • चट्टानी नमक वाला निम्बू दिन में दो तीन बार ज़रूर पीये|
  • पालक, गाजर और चकुंदर का जूस पिए|
  • हरी सब्जियों और ताज़े फलों , सलाद का इस्तेमाल ज़्यादा कीजिये|
  • ओमेगा -3 और विटामिन E युक्त आहार ले|
  • चावल की जगह कड़वी सब्जी भोजन में शामिल करे जैसे कि करेला, पालक, सेहजल आदि|


योग और व्यायाम से सर्वाइकल को शुरू में ही कण्ट्रोल किया जा सकता है नहीं तो अगर बिगड़ जाये फिर सर्जरी करनी पड़ती है जिससे आराम आने में ही छ: महीने लग जाते हैं और कोई ठीक होने की गारंटी भी नहीं| इसलिए लोग सर्जरी से भागते है और आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट लेना पसंद करते है| परहेज और  व्यायाम से आप इस से निजात पा सकते है तो आज से ही शुरुआत कीजिये और प्रकृति से जुड़िये और सादे भोजन को ही चुने| अगर आर्टिकल अच्छा लगे तो दुसरो कि साथ भी शेयर करे। 


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