स्तन कैंसर : जानें कारण, लक्षण और उपाय

स्तन कैंसर : जानें कारण, लक्षण और उपाय


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Breast Cancer symptoms causes and prevention with Ayurveda



Breast Cancer महिलाओं  में तेजी से फ़ैल रहा है। महिलाओं की ब्रैस्ट में सेल्स में यह कैंसर बनना शुरू होता है और अनदेखा करने की वजह से ये बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। स्किन कैंसर के बाद ब्रैस्ट कैंसर महिलाओं में पनपने वाली खतरनाक बीमारी है जो कि अवेयरनेस न होने के कारण बढ़ती जा रही है। यूनाइटेड स्टेट्स के बाद अब भारत में भी इसका आगमन हो चूका है। आईये जानते है इसके लक्षणों के बारे में।  


Symptoms of Breast Cancer


  • Breast में गांठ का बनना। 
  • Breast में सूजन का होना। 
  • Breast में लालिमा का नज़र आना। 
  • छाती में दर्द होना। 
  • Breast के साइज में बदलाव होना। 
  • ब्रैस्ट में खुजली का होना। 
  • निप्पल्स को दबाते ही डिस्चार्ज हो जाना। 
  • गर्दन और कंधो में दर्द का होना। 
  • कांख के नज़दीक गांठ का महसूस होना। 

यह तो थे लक्षण ब्रैस्ट कैंसर के आईये अब जानते है इसके कारण 

Causes of Breast Cancer



  • जेनेटिक। 
  • गलत जीवनशैली। 
  • उचित आहार को नज़र अंदाज़ करना। 
  •  बढ़ती उम्र का होना। 
  • पीरियड्स का कम उम्र में शुरू होना। 
  • कुछ महिलाओं में इसके लक्षण इन्हेरिटरी होते हैं। 
  • रज्ज्विविर्ती का देर से शुरू होना। 
  • बच्चों को 30 के बाद जनम देना भी इसका मुख्या कारण है। 
  • बाँझपन का होना। 
  • शराब का सेवन करना। 


Prevention of Breast Cancer with Ayurveda


  • गेंदे का फूल (नारंगी या पीले रंग) को लेकर सिर्फ इसकी पंखुड़ियाँ को निकाल  ले और बाकि फूल को इस्तेमाल नहीं करना है। इसकी पंखुडियाँ में थोड़ी सी हल्दी और गाय का मूत्र मिलकर इसका चटनी नुमा लेप बना ले और जहाँ पर ब्रैस्ट में गांठ नज़र आये  वही इसे लगा लीजिये। सुबह और शाम दो बार इसका इस्तेमाल कीजिये। ऊपर से कोई कपड़ा बांध ले और धोते वक़्त भी गाय मूत्र का ही इस्तेमाल करना है। तब तक कीजिये जब तक गांठ ख़तम न हो जाये पूरी तरह से। 

  • दूसरा उपाय है अरंडी का तेल। जब भी आपको लगे के आप की ब्रैस्ट में हार्डनेस बढ़ रही है रोज़ अरंडी के तेल की मालिश कीजिये ये ब्रैस्ट कैंसर का ही लक्षण है। 

  • अरंडी की पत्तियों को भी उबाल कर पीने से ब्रैस्ट कैंसर दूर होता है। ये महिलाओं के लिए अमृत सामान है। इससे स्तन की गांठ पीड़ा सब दूर हो जाती है। 

  • पथरचट के पत्तों को गरम कर ब्रैस्ट पर लगाने से भी पीड़ा से आराम मिलता है। डॉक्टरी इलाज में स्तन को ही काट देते हैं पर फिर भी इलाज की गारंटी नहीं। इसलिए आयुर्वेदा की मदद से इन्हे जड़ से खत्म किया जा सकता है वो भी नेचुरल तरीके से। 

  • लाजवंती और अशवगंधा की जड़ को पीस कर गांठ पर लगाने से भी ये बीमारी ठीक हो जाती है। 


और पढ़े अशवगंधा के फायदे 


  • अनार के फल और रस का इस्तेमाल नियमित कीजिये।
  • सुबह के समय रोज काली चाय पीनी चाहिए। 
  • गर्भ निरोधक दवाओं के सेवन से बचे। 
  • खट्टे फलों का सेवन ज़्यादा करे। 
  • हल्दी का सेवन किसी भी रूप में ज़्यादा से ज़्यादा कीजिये। 
  • अखरोट और लहसुन का उपयोग ज़्यादा करे। 

और पढ़े सर्वाइकल से बचाव 


ब्रैस्ट कैंसर जेनेटिक बीमारी भी है अगर परिवार में पहले भी किसी बड़े को हुई है तो अभी से बचाव कीजिये। ब्रैस्ट कैंसर एक महामारी के रूप में बढ़ रही है ज़रुरत है अवेयरनेस की। ज़रा सा बचाव आप को भयांकर बीमारी से बचा सकता है। सिम्पटम्स नज़र आने पर डॉक्टरी जाँच कराये और समय रहते बीमारी से अपना बचाव करे। बचाव में ही आपकी सुरक्षा है। 

स्तन कैंसर : जानें कारण, लक्षण और उपाय